छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 83 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को प्रमोशन

Shantanu Roy
10 Jun 2026 7:58 PM IST
छत्तीसगढ़ में 83 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को प्रमोशन
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 83 अधिकारियों को पदोन्नति और उच्च वेतनमान का लाभ देकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार कुल 43 डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) और 40 संयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान (लेवल-14) का लाभ प्रदान किया गया है।


सरकार के इस निर्णय से राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों की पदोन्नति सुनिश्चित हुई है और उन्हें उनके कार्य अनुभव तथा पात्रता के आधार पर उच्च वेतनमान का लाभ दिया गया है। यह आदेश प्रशासनिक सेवा संवर्ग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


पहले आदेश के तहत कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-12) में कार्यरत 43 अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) प्रदान किया गया है। इनमें राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह लाभ उनकी पात्रता तिथि के अनुसार लागू किया है।

प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की सूची में कई जिलों के नाम शामिल हैं। इनमें बिलासपुर की डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, बलौदाबाजार-भाटापारा के अरुण कुमार सोनकर, महासमुंद के आशीष कर्मा, जशपुर के प्रशांत कुमार कुशवाहा, राजनांदगांव के गौतम चंद पाटिल, कोरिया के उमेश कुमार पटेल, गरियाबंद के विशाल कुमार महाराणा और नारायणपुर के सुमित कुमार गर्ग सहित कुल 43 अधिकारी शामिल हैं।


दूसरे आदेश के तहत वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में कार्यरत 40 अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान (लेवल-14) में पदोन्नति दी गई है। इस सूची में संयुक्त कलेक्टर, अवर सचिव, आयुक्त और विभिन्न विभागों में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

इनमें संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉमस, दिलेराम डाहिरे, स्निग्धा तिवारी, मनीष साहू, अभिषेक दीवान, रवि सिंह और नंद कुमार चौबे जैसे नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन अधिकारियों को लंबे प्रशासनिक अनुभव और कार्य प्रदर्शन के आधार पर उच्च वेतनमान का लाभ दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार यह निर्णय प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और अधिकारियों को उनके कार्य के अनुरूप उचित लाभ देने के उद्देश्य से लिया गया है। पदोन्नति से न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य प्रशासन की कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।



अधिकारियों को यह लाभ उनकी सेवा अवधि, कार्य प्रदर्शन और पात्रता मानकों के आधार पर दिया गया है। शासन का मानना है कि इस प्रकार की पदोन्नति प्रक्रिया से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ती हैं। इस आदेश के बाद राज्य के प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है। क्योंकि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को अब उच्च वेतनमान का लाभ मिला है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आगे भी अन्य संवर्गों में पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह निर्णय राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
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